रेम्ब्रांट का बनाया युवा शेर का स्केच रिकॉर्ड €17.8 मिलियन में बिका
रेम्ब्रांट वैन रिजन (Rembrandt van Rijn) (1606-1669) का बनाया एक स्केच (young lion) बुधवार 4 फरवरी 2026 को सोथबी (Sotheby's) में हुई नीलामी में $17.86 मिलियन (₹1,88,00,00,000 लगभग ₹188 करोड़) में बिका, जो €15.2 मिलियन के बराबर है। बिना नाम बताए खरीदने वाले ने $15 मिलियन की बोली लगाई और उसे नीलामी फीस के तौर पर $2.86 मिलियन और देने पड़े।
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| Rembrandt van Rijn |
इस बिक्री से यंग लायन रेम्ब्रांट का अब तक का सबसे महंगा स्केच बन गया है, जिसने डच मास्टर की बनाई ड्राइंग के $3.7 मिलियन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। 115 × 150 मिलीमीटर का यह स्केच नीलामी घर की उम्मीद से कम कीमत पर बिका। सोथबी का अनुमान था कि यह $15 मिलियन से $20 मिलियन के बीच बिकेगा।
कौन है रेम्ब्रांट वान राइन:
रेम्ब्रांट वान राइन (Rembrandt van Rijn) दुनिया के सबसे महान चित्रकारों में गिने जाते हैं। वे डच स्वर्ण युग (Dutch Golden Age) के सबसे बड़े कलाकार थे।
संक्षिप्त परिचय:
पूरा नाम: Rembrandt Harmenszoon van Rijn
जन्म: 15 जुलाई 1606, लीडन (Leiden), नीदरलैंड
मृत्यु: 4 अक्टूबर 1669, एम्स्टर्डम
कला विधा: चित्रकला (Painting), नक़्क़ाशी (Etching), ड्रॉइंग
युग: बारोक कला (Baroque Art)
रेम्ब्रांट की कला की विशेषताएँ:
रेम्ब्रांट को खास तौर पर इन बातों के लिए जाना जाता है:
1-प्रकाश और छाया का अद्भुत प्रयोग (Chiaroscuro)
– अंधेरे और रोशनी के ज़रिए भावनाओं को गहराई देना
2-मानवीय भावनाओं की सजीव अभिव्यक्ति
– चेहरे के हाव-भाव, आँखों की गहराई, दुःख-सुख का यथार्थ चित्रण
3-यथार्थवाद (Realism)
– सुंदरता से ज़्यादा सच्चाई पर ज़ोर
4-आत्मचित्र (Self-Portraits)
– उन्होंने लगभग 60 से ज़्यादा आत्मचित्र बनाए, जो उनके जीवन के अलग-अलग दौर दिखाते हैं
रेम्ब्रांट की प्रसिद्ध कृतियाँ:
- The Night Watch (1642) – उनकी सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग
- The Return of the Prodigal Son – करुणा और क्षमा का अद्भुत चित्रण
- The Anatomy Lesson of Dr. Nicolaes Tulp
- Self-Portraits (आत्मचित्र)
जीवन की कठिनाइयाँ:
रेम्ब्रांट का निजी जीवन काफ़ी संघर्षपूर्ण रहा:
- पत्नी और बच्चों की मृत्यु
- आर्थिक संकट, दिवालियापन
- जीवन के अंतिम वर्षों में गरीबी
लेकिन इन्हीं दुखों ने उनकी कला को और गहरा, संवेदनशील और मानवीय बना दिया।
कला इतिहास में महत्व:
- रेम्ब्रांट ने चित्रकला को भावनाओं की भाषा दी
- उन्होंने यह साबित किया कि कला केवल सुंदर दिखने के लिए नहीं, बल्कि मानव जीवन को समझने का माध्यम है
- आज भी वे विश्व कला इतिहास के शीर्ष कलाकारों में शामिल हैं
रेम्ब्रांट बारोक कलाकार क्यों कहलाते हैं?
रेम्ब्रांट Baroque Art (बारोक कला) के प्रमुख कलाकार माने जाते हैं, इसके कारण:
A - प्रकाश और छाया का नाटकीय प्रयोग
बारोक कला की सबसे बड़ी पहचान ड्रामा (नाटकीयता) है
रेम्ब्रांट ने Chiaroscuro तकनीक से गहरी छाया ,तेज रोशनी का प्रयोग किया . इससे चित्रों में भावनात्मक गहराई आती है.
B- भावनाओं पर ज़ोर
बारोक कला में भाव, करुणा, पीड़ा, मानव मन को दिखाया जाता है
The Return of the Prodigal Son इसका श्रेष्ठ उदाहरण है
C- यथार्थ और गति
स्थिर, आदर्श सौंदर्य नहीं बल्कि जीवंत, चलती-सी लगने वाली आकृतियाँ
निष्कर्ष:
नाटकीय प्रकाश, गहरी भावनाएँ और यथार्थ चित्रण के कारण रेम्ब्रांट को बारोक कलाकार कहा जाता है।
रेम्ब्रांट वान राइन बारोक युग के प्रमुख चित्रकार थे। उनकी कला में प्रकाश-छाया का नाटकीय प्रयोग, गहरी मानवीय भावनाएँ और यथार्थ चित्रण मिलता है। उनकी भावनात्मक गहराई ने आधुनिक कला को गहराई से प्रभावित किया।


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